Benefits of personal hygiene: सामान्य स्वच्छता: एक जरूरत, अनगिनत लाभ!

Benefits of personal hygiene: सामान्य स्वच्छता: एक जरूरत, अनगिनत लाभ!

साफ शरीर और घर रखना हमारी संस्कृति में सदा से ही महत्वपूर्ण माना गया है।साफ-सफाई और सामान्य स्वच्छता की जरूरत हमारी जिंदगी के हर पहलू में होती है। साफ-सफाई से हम अपने घर को साफ और शुद्ध रखते हैं, जो हमारे और हमारे परिवार के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं, सामान्य स्वच्छता एक प्रेक्टिस है जो हमें हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनानी चाहिए। यह हमारी शरीरिक स्वास्थ्य और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत जरूरी होती है। सामान्य स्वच्छता से हम कीटाणुओं और बीमारियों के प्रसार को रोक सकते हैं जो हमारे और हमारे आस-पास के लोगों को प्रभावित करते हैं।

अधिकतर लोग साफ-सफाई और सामान्य स्वच्छता को एक ही मानते हैं। लेकिन, इन दोनों में अंतर होता है। साफ-सफाई से हम घर को साफ रखते हैं, जबकि सामान्य स्वच्छता से हम अपने शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

स्वच्छता का महत्व

स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है।स्वच्छता न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है, बल्कि इससे हमारे वातावरण को भी स्वस्थ बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। नए रोगों और बीमारियों के संबंध में जागरूक होते हुए, हमें स्वच्छता को बनाए रखने के लिए अधिक उत्साह और प्रतिबद्धता दिखाने की जरूरत है। स्वच्छता एक सदाचार है जो हमेशा से हमारे जीवन में उचित ढंग से शामिल होना चाहिए।

सामान्य स्वच्छता (general hygiene) को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है

पर्सनल हायजीन (personal hygiene) - इसमें व्यक्ति की निजी स्वच्छता शामिल होती है। इसमें हाथ धोना, नाखून काटना, बाल काटना, दांतों की सफाई करना आदि को साफ करना शामिल होता है।

डोमेस्टिक हायजीन (domestic hygiene) - इसमें घर की साफ-सफाई करना शामिल होता है। इसमें घर के कमरों, रसोई, बाथरूम, टॉयलेट आदि को साफ रखना शामिल होता है।

सोशल हायजीन (social hygiene) - इसमें समाज की स्वच्छता शामिल होती है। इसमें जनसंचार के माध्यम से जनता को जागरूक करना, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना, समाज में संक्रमण के प्रसार को रोकना, समाज के गरीब लोगों को स्वच्छता का उपयोग करने के बारे में जागरूक करना आदि शामिल होता है।

ये कुछ सुझाव हैं जो आपकी पर्सनल स्वच्छता में मदद करेंगे

  • दैनिक ब्रशिंग के लिए दो बार दांतों को ब्रश करें। यह चिकित्सकीय स्वच्छता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
  • दैनिक स्नान करें, मौसम की स्थिति के आधार पर दो बार स्नान करें। स्नान वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है।
  • अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में यात्रा करने पर क्लिनिकल मास्क पहनें।
  • हमेशा धुले हुए कपड़े पहनें।
  • अपने गुप्तांग को साफ रखें। बैक्टीरिया और संक्रमण के लिए वहां से प्रसार करना बहुत आसान है।
  • नियमित अंतराल में हाथ धोएं। हम कई अशुद्ध स्थानों को छूते हैं।
     

अपने डोमेस्टिक हायजीन को बनाये रखने के लिए आपको निम्नलिखित विषयों पर ध्यान देना चाहिए

  • अपने जूते घर के बाहर ही उतारें ताकि धूल-मिट्टी के साथ रोगाणु घर में न प्रवेश करें।
  • रोजाना घर के अंदर की धूल-मिट्टी को साफ करें ताकि फंगल स्किन इंफेक्शन और सांस संबंधी समस्याएं न हों।
  • अपने बिस्तर की सामान्य हायजीन का ध्यान रखें। उन्हें धोते, झाड़ते और सुखाते रहें।
  • पालतू जानवरों को लेकर सतर्क रहें। कुत्तों और बिल्लियों में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं।
  • गार्डन में काम करते समय ग्लव्स पहनें। काम के बाद हाथ धोते रहें और नाखून साफ रखें।
  • कूड़ेदान को साफ रखें क्योंकि वह बैक्टीरिया की पसंदीदा जगह होता है।
  • बाथरूम की नियमित रूप से साफ करें ताकि कोई भी संक्रमण न हो। अपने शौचालय और किचन को रोगाणुमुक्त रखें
  • कभी सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें न पेशाब करें।

सामाजिक स्वच्छता का ध्यान रखते समय, आपको निम्नलिखित चीजों का विशेष ध्यान देना चाहिए

सोशल हायजीन अर्थात सामाजिक स्वच्छता हमारे आस-पास की साफ-सफाई को बनाए रखने से संबंधित होता है। इसमें हमारे घर के आस-पास, बाजार, अस्पताल, स्कूल, रास्ते और अन्य स्थान शामिल होते हैं। यदि ये सभी स्थान गंदे होते हैं तो यहां रोगाणुओं, परजीवी, वैक्टर और अन्य कीटाणु फैल सकते हैं। ऐसे में पूरा शहर या गांव किसी बीमारी का शिकार हो सकता है।

  • आस-पास की सफाई बनाए रखना, जैसे कि घर के आस-पास की सफाई, सड़कों की सफाई और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई।
  • संक्रमण के बढ़ते हुए समय में, अपने आस-पास के लोगों को समझाएं कि वे अपने हाथ धोते रहें, मास्क धारण करें और दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • जीवाणुओं से बचने के लिए, अपने आस-पास की जगहों को नियमित रूप से सफाई करें।
  • स्वच्छ वातावरण का बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और पौधों का पालन करना चाहिए।
  • अपने कूड़े और कचरे को सही ढंग से डिस्पोज करें।
  •  संभव हो तो, अपने आस-पास की जगहों में सामुदायिक स्वच्छता अभियानों में भाग लें।
  • नकली और असामाजिक विज्ञापनों से बचें जो सामाजिक स्वच्छता को खतरे में डाल सकते हैं।
  •  वैक्सीनेशन की जानकारी प्राप्त करें और अपनी वैक्सीनेशन करवाएं।

निष्कर्ष 

स्वच्छता के महत्व को समझाने वाले इस लेख में हमने देखा कि साफ-सफाई और सामान्य स्वच्छता हमारे जीवन के हर पहलू में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन्हें अपनाने से हम न केवल अपने शरीर और घर को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि समाज में भी स्वच्छता के माध्यम से रोगाणुओं और बीमारियों के प्रसार को रोक सकते हैं। व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए हमें दिनचर्या में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। इसके लिए हमें नियमित धोते हुए हाथों से खाना खाना, स्वच्छ पानी का उपयोग करना, साफ-सफाई का ध्यान रखना आदि को अपनाना चाहिए। घर की सफाई और सामान्य स्वच्छता को बनाए रखने से हम अपने परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए हमें घर के अंदर और बाहर की सफाई को समान महत्व देना चाहिए और बिना किसी देरी के समय उसे नियमित रूप से करना चाहिए।

Back to blog