आप सभी ने Terminator तो देखी ही होगी और अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर (Arnold Schwarzenegger) को सब जानते ही होंगे। Arnold सिर्फ एक फेमस एक्टर ही नहीं, बल्कि एक बॉडीबिल्डिंग के लेजेंड भी हैं, और उन्होंने अपनी जिंदगी में कई हेल्थ चैलेंजेस का सामना किया है। उनका कहना है, "अगर आप आराम करते हो, तो आपका शरीर जाम हो जाता है।" यह बात उन्होंने अपने हालिया कैंपेन You’ll Be Back के दौरान कही, जिसमें उन्होंने जोड़ों के दर्द और गतिशीलता (Mobility) के बारे में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की है।
आजकल के समय में, जोड़ों का दर्द और गतिशीलता समस्याएं बहुत आम हो गई हैं, खासकर हमारे बुजुर्गों में। चाहे वह घुटनों का दर्द हो, कंधे में जकड़न हो, या फिर कमर के जोड़ों में तकलीफ हो, ये सभी समस्याएं हर किसी के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। खासकर भारत जैसे देश में, जहां बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, गतिशीलता समस्याएं और भी गंभीर होती जा रही हैं।
भारत में जोड़ों के दर्द सम्बन्धी समस्याएं

भारत में एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 13.9% भारतीय बुजुर्ग ओस्टियोआर्थराइटिस (Arthritis) से पीड़ित हैं, जो कि एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न होती है। इसके कारण, बुजुर्गों को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, उठने-बैठने जैसी बुनियादी गतिविधियों में भी मुश्किलें आने लगती हैं।
इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में मस्क्यूलोस्केलेटल कंडीशन्स (Musculoskeletal Conditions) यानी हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं के कारण करोड़ों लोग अपने दिन-प्रतिदिन के कामकाज में परेशानी का सामना करते हैं। इस समस्या का असर सिर्फ बुजुर्गों पर ही नहीं, बल्कि युवा लोगों पर भी पड़ता है, जो समय-समय पर शारीरिक तनाव, चोट, और गलत जीवनशैली के कारण इस प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
जोड़ों के दर्द सम्बन्धी समस्याओं का असर

जब किसी व्यक्ति के जोड़ों में दर्द या सूजन होती है, तो वह अपनी सामान्य गतिविधियों को नहीं कर पाता। यह दर्द पहले तो हल्का सा महसूस होता है, लेकिन यदि इसे समय पर ठीक नहीं किया जाए, तो यह बढ़कर गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में लोग शारीरिक गतिविधियों से बचने लगते हैं, क्योंकि उन्हें दर्द होता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि जब हम हिलते-डुलते नहीं हैं, तो हमारे जोड़ों में और अधिक जकड़न और दर्द बढ़ने लगता है।
डॉ. लेस्ली बॉटरेल, जो नोर्थवेल लेनोक्स हिल हॉस्पिटल, अमेरिका में एक स्पोर्ट्स मेडिसिन फिजीशियन हैं, उनका कहना है कि जब हम शारीरिक गतिविधि से बचते हैं, तो हमारे मसल्स और लिगामेंट्स कमजोर हो जाते हैं, जिससे और भी अधिक दर्द और गतिशीलता की समस्या पैदा होती है।
रेगुलर मूवमेंट हैं दवा

Arnold Schwarzenegger भी मानते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से हिलना-डुलना जरूरी है। वह कहते हैं, "अगर आप आराम करते हो, तो आपका शरीर जाम हो जाता है।" इसका मतलब यह है कि हमारी मांसपेशियां और जोड़ों को मजबूत और लचीला बनाए रखने के लिए हमें रोज़ कुछ न कुछ हलकी-फुलकी शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए।
जब हम अपनी शारीरिक गतिविधि को बनाए रखते हैं, तो इससे हमारे शरीर के जोड़ों को सिनोवियल फ्लूइड मिलता है, जो जोड़ों को लुब्रिकेट करता है और उनके बीच की गतिशीलता को आसान बनाता है। इसके अलावा, जब हम मूवमेंट करते हैं, तो हमारे शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, जिससे सूजन कम होती है और मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। यही नहीं, मूवमेंट से एंडोर्फिन्स (Natural Pain Killers) भी रिलीज होते हैं, जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
क्या है बेहतर इलाज़
अगर आप भी जोड़ों के दर्द और गतिशीलता समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। आप रोज़ाना की हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियों से अपनी स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
1. हलका वॉकिंग: यह सबसे आसान और प्रभावी तरीका है, जो आप घर के पास पार्क या घर में भी कर सकते हैं।
2. योग और स्ट्रेचिंग: योग के द्वारा आप मांसपेशियों और जोड़ों को लचीला बना सकते हैं। यह दर्द को कम करने में भी मदद करता है।
3. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: हलका वजन उठाना या मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद हो सकता है।
4. तैराकी: यह एक बहुत अच्छा तरीका है, क्योंकि पानी में मांसपेशियों पर दबाव नहीं पड़ता और जोड़ों को आराम मिलता है।
5. Fytika Flexi Move का उपयोग: Fytika Flexi Move जोड़ों, हड्डियों और उपास्थि (Cartilage) की हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है। इसमें ग्लूकोसामाइन, रोज़हिप और बोसवेलिया सिराटा जैसे प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो गतिशीलता बढ़ाने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसे पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आपको लगता है कि दर्द ज्यादा बढ़ गया है, तो आपको डॉक्टर से परामर्श जरूर करना चाहिए।
निष्कर्ष

जैसा कि Arnold Schwarzenegger और डॉ. लेस्ली बॉटरेल कहते हैं, " रेगुलर मूवमेंट हैं दवा" । इसका मतलब है कि जितना अधिक हम अपने शरीर को हिलाएंगे, उतना ही हम अपने जोड़ों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रख सकते हैं। इससे न केवल दर्द कम होगा, बल्कि हमारा जीवन भी अधिक खुशहाल और सक्रिय रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी के रूप में प्रस्तुत की गई है और यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए, कृपया अपने डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ से परामर्श करें।
Sources:
- Healthline, Arnold Schwarzenegger Talks Joint, Mobility Health: ‘If You Rest, You Rust’
- Indian Council of Medical Research (ICMR)
- World Health Organization (WHO)
Credit: Report and Interview with Arnold Schwarzenegger published in Healthline.
Picture Credit - Rollingstone
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